Friday, May 9, 2008

क्या कहना ?

मुझे इश्तहार सी लगती हैं ये मोहब्बतों की कहानियां,
जो कहा नही वो सुना करो
, जो सुना नही वो कहा करो

- बशीर बद्र

Friday, September 14, 2007

सब हैं सो आप हैं ....

सब हैं सो आप हैं
आप क्यों समझते हैं,
आप ही बड़प्पन की माप हैं ?

- बच्चन

Wednesday, September 12, 2007

मन ही तो है ...

मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः
बन्धनं विषयासक्तं मुक्त्यै निर्विषयं मनः ।

- त्रिपुरातपिनि उपनिषद (त्रिपुरातापिन्युपनिषत्)

http://www.sanskritdocuments.org/all_sa/trip-tapi_sa.html